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  • Bahari Log

    राजी सेठ मानवीय संवेदन को समर्पित कथाकार हैं। वे कथा के रचाव में इतिहास का इतिवृत्त या उत्खनन प्रस्तुत नहीं करतीं, घटनाओं/दुर्घटनाओं के दबाव में मनुष्य जाति के भीतरी बदलाव का साक्ष्य प्रस्तुत करती हैं। समय को शब्दशः जीने की चेष्टा में रत वे अपनी कथा में सृजनात्मक स्रोतों का उपयोग मनुष्य जीवन के गहरे अनुभव को समायोजित कर साहित्य को महत्ता, मौलिकता और गहराई प्रदान करती हैं।‘बाहरी लोग’ कहानी-संग्रह म ... Read more

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    प्रस्तुत काव्य संग्रह भाषा और शब्द के संयोजन द्वारा विभिन्न शीर्षक के माध्यम से मानवीय भावनाओं को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। यह हमारे और आपके आस-पास वस्तु, व्यक्ति, स्थान और अन्य बिंदुओं से चाहते और न चाहते हुए भी प्रभावित होते और तद्नुसार करते रहते हैं। जैसा कि काव्य तरंग पुस्तक का नाम हमें प्रतीत कराता है कि जैसे-जैसे हम तरंग के माध्यम से विभिन्न राग सुनते हैं वैसे ही यह पुस्तक अनेक र ... Read more

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  • पथ: हम सब

    जीवन में हम सभी किसी ने किसी मंजिल पर पहुंचते हैं तथा उसी के अनुसार कार्य भी करते रहते हैं। यह कार्य कभी उत्थान की ओर ले जाते हैं तो कभी पतन की ओर ले जाते हैं। कवि,लेखक या रचनाकार भी मानव होता है तथा उसमें भी अच्छाइयां और बुराइयां सम्मिलित होती है। वह चाहे और अनचाहे रूप में उसकी रचना में परिलक्षित होती रहती हैं। काव्य संग्रह में सम्मिलित हुई रचनाएं व्यक्तिगत,सामूहिक, पारिवारिक ,सामाजिक, सांप्रदाय ... Read more

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  • Smriti Shesha (Kavy Sangrh)

    प्रस्तावनाहम सभी जानते हैं कि जो शब्द हमारे और आपके द्वारा निकले हुए होते हैं वह कहीं ना कहीं किसी ने किसी के मन को प्रसन्न और दु:खी करते हैं पर परिस्थितियों को देखते हुए हम और आप निश्चित रूप से उन शब्दों का प्रयोग जाने और अनजाने में करते हैं शब्द के अर्थ अपने परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तित होते रहते हैं और हम यह देखते रहते हैं कि नाना प्रकार के भाव हमारे और आपके मन में आते रहते हैं इन भावों को ... Read more

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    बचपन के रंग अतुल्या के संगBy: Dr. Ram Sharan SethCover Design: Mr. Deep BhullarPrinted by: DeepMisti PublicationISBN: 978-81-19108-78-7Pages: 42 ... Read more

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    Manushya ka Swapndosh hi, Prithvi ka Bhukamp hai, Manushya Sukshm hai, Prithvi Vistar hai

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